तीन तलाक के मुद्दे पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम संस्थाओं और उलमाओं में हलचल शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर छह माह की रोक का आदेश दिया है। साथ ही केंद्र सरकार को छह महीने में प्रस्ताव पारित कर नया कानून बनाने को कहा है। शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन ने कहा कि तीन तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। लेकिन तीन तलाक पर छह महीने की रोक शरीयत के खिलाफ है। शरीयत और हदीस की रोशनी में ही कानून बनेगा तो माना जाएगा।