बरेली वासियों के लिए कई दशक पहले जब कुतुबखाना चौराहे पर घंटाघर बनाया गया तो यहां के लोग इसे अपनी शान समझते थे। लेकिन चंद वर्षों के बाद घंटाघर की घड़ी बंद हो गई जो आज तक हिली तक नहीं। शहर के इस अतिव्यस्त चौराहे पर सब कुछ चल रहा है सिवाय इस घड़ी के। देखिए ये रिपोर्ट।