कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को 'वोट अधिकार यात्रा' के तहत सीतामढ़ी पहुंचे। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मुजफ्फरपुर से आने के क्रम में राहुल गांधी ने सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर प्रखंड मुख्यालय में जनसभा की। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, और वीआईपी के मुकेश सहनी समेत अन्य कई नेता थे। जनसभा में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। वोट चोरी के मुद्दे पर आयोग और केंद्र सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर अडानी और अंबानी के लिए काम करने का आरोप लगाया। सेना में स्थायी बहाली बंद किये जाने पर गांधी ने कहा कि पहले सेना से अवकाश प्राप्त होने पर पेंशन दिए जाते थे, अब अग्निवीर की बहाली होती है। देश की सीमा पर दुश्मन की गोली से शहीद अग्निवीर जवानों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी केंद्र सरकार/चुनाव आयोग पर हमला बोला। बिहार सरकार पर भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप लगाया। कहा कि हत्या, अपराध और भ्रष्टाचार मुक्त बिहार बनाना है। हम सभी गरीब-अमीर, जाति, वर्ग और धर्म के लोगों को साथ लेकर चलेंगे। हम सबको मिलकर नया बिहार बनाना है।
राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘2019 के चुनाव के बाद, नरेन्द्र मोदी ने नतीजे आने से पहले ही कह दिया था कि हमारी 300 सीटें आएंगी। देश के सारे सर्वेक्षण कुछ और कह रहे थे, लेकिन आखिर में उनकी 300 सीटें आईं। ये सीटें इसलिए आईं, क्योंकि 'वोट चोरी' हुई।’’ उन्होंने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी ‘वोट चोरी’ करके चुनाव जीतते हैं और निर्वाचन आयोग इसमें उनकी और गृह मंत्री अमित शाह की मदद करता है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पिछले 10 साल से पूरे हिंदुस्तान को बेवकूफ़ बनाया जा रहा है। आने वाले समय में हम सबूत के साथ दिखा देंगे कि नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और निर्वाचन आयोग वोट चोरी कर रहे हैं।’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘बिहार में हजारों लोगों ने हमसे कहा- हमने कई बार वोट डाला है, लेकिन इस बार हमारा नाम काट दिया गया। यहां तक कि चुनाव आयोग ने कई जिंदा लोगों को मतदाता सूची में ‘मार’ दिया। निर्वाचन आयोग अमीरों का वोट नहीं काट रहा, बल्कि दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के वोट काट रहा है।’’