बिहार में महागठबंधन की तरफ से वोटर अधिकार यात्रा निकाली जा रही है. इस यात्रा का आज 12वां दिन है. राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और पप्पू यादव ने सीतामढ़ी के जानकी मंदिर में पूजा अर्चना की. राहुल ने एक दिन पहले ही जानकी मंदिर में दर्शन की इच्छा जाहिर की थी. हालांकि उस समय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के कारण परमिशन नहीं दी थी. बाद में रूट तय करके ये परमिशन दी गई.बड़ी मशक्कत के बाद कल सुबह राहुल-तेजस्वी के मां जानकी मंदिर दर्शन का कार्यक्रम बन पाया. प्रशासन की तरफ से इस कार्यक्रम को लेकर पहले सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया था. प्रियंका गांधी भी मां जानकी मंदिर के दर्शन करना चाहती थीं. हालांकि रूट तय न हो पाने के कारण वे वापस दिल्ली आ चुकी हैं.
जबकि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने आज सुबह सुबह पहुंचकर दर्शन किए. इसके साथ ही वहां पूजा अर्चना भी की है.सीतामढ़ी में जानकी मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा को लोगों का शानदार समर्थन मिल रहा है. यह एक ऐतिहासिक यात्रा है. मैंने दर्शन किए… मैं कामना करता हूं कि बिहार का विकास हो. माता बिहार को लूटने वालों को सबक सिखाएंगी. अल्का लांबा ने कहा “मां जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी में राहुल गांधी के नेतृत्व में मतदाता अधिकार यात्रा का आज 12वां दिन है. हम उनका आशीर्वाद मांग रहे हैं और यह आशीर्वाद हमारी लड़ाई में हमारे साथ रहेगा. ”कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावेरु ने राहुल-तेजस्वी के मां जानकी मंदिर जाने कहा- हम हर धर्म और उनके भगवान को मानते हैं. हर धर्म की अच्छी चीजें होती हैं. हम नफरत नहीं फैलाते हैं.
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, “माता रानी की कृपा सभी पर बनी रहे. हम यहां लोककल्याण मांगने आए हैं. देश और बिहार राज्य की तरक्की हो”वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत 17 अगस्त को सासाराम से हुई थी. इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ-साथ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, भाकपा (माले) के दीपकंर भट्टाचार्य, वीआईपी के मुकेश सहनी सहित महागठबंधन के अन्य घटक दल के नेता साथ-साथ हैं. बुधवार को राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी पहुंची.लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "आने वाले दिनों में हम आपको बिना किसी संदेह के साबित कर देंगे कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त वोट चुरा रहे हैं... हम आपको अगले छह महीनों में बताएंगे कि उन्होंने लोकसभा और विधानसभा में चोरी का एक मॉडल विकसित किया है, जिसे उन्होंने गुजरात मॉडल का नाम दिया है... बिहार के युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाएंगे कि कैसे 'वोट चोरी' को खत्म किया जाएगा..."