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Vote Adhikar Yatra: Rahul की यात्रा से बिहार में बदलेगा समीकरण? | Amar Ujala

Wed, 03 Sep 2025 03:19 AM IST
तन्मय बरनवाल वीडियो डेस्क, अमर उजाला


बिहार में चुनाव से पहले 16 दिनों तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा सोमवार को पटना में समाप्त हो गई। इस यात्रा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कई मुद्दे उठाए। इनमें चुनाव आयोग (ईसी) के विशेष गहन पुनर्निरीक्षण (एसआईआर) से लेकर वोटरों के नाम कटने के मुद्दे अहम रहे। दूसरी तरफ राहुल ने भाजपा पर 'वोट चोरी' के आरोप भी लगाए और बिहार में बेरोजगारी-उद्योगों की कमी को लेकर नीतीश सरकार पर भी निशाना साधा। 1300 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में राहुल ने बिहार के कुल 25 जिलों में दस्तक दी। राहुल ने जिन क्षेत्रों में यात्रा की वहां मौजूदा समय में चुनावी समीकरण क्या हैं? राहुल गांधी की यात्रा बिहार के सासाराम से स्वतंत्रता दिवस के एक दिन बाद यानी 16 अगस्त को शुरू हुई थी। वोटर अधिकार रैली के नाम से निकाली गई इस यात्रा में राहुल ने रोहतास (सासाराम) के बाद औरंगाबाद, नालंदा, गया, नवादा, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल,पटना जैसे शहरों में दस्तक दी।  

समीकरण पर गौर करें तो बिहार में 2020 में हुए चुनावों की बात करें तो कांग्रेस ने 243 सीटों में से कुल 70 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। इनमें से उसके सिर्फ 19 प्रत्याशी विधायक बनने में सफल हुए थे। अब अगर राहुल के यात्रा रूट को देखा जाए तो सामने आता है कि उन्होंने 25 जिलों का दौरा किया। इन जिलों का दौरा कर राहुल ने कुल मिलाकर 183 सीटों को साधने की कोशिश की है। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि 2020 के चुनाव में कांग्रेस को इनमें से सिर्फ 14 सीटें ही हासिल हुई थीं, जबकि भाजपा को 64, राजद को 52 और जदयू को 31 सीटें मिली थीं। बाकी सीटें कुछ छोटे दलों को मिली थीं।  राहुल की वोटर अधिकार रैली ने हजारों की संख्या में लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया। हालांकि, उनकी यात्रा ने विवादों को भी उसी तरह अपनी तरफ खींचा।
 

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