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Uttarkashi Cloudburst: विशेषज्ञों ने बताया कि पहाड़ों पर क्यों फट रहे हैं बादल, हो रहे भूस्खलन?

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 06 Aug 2025 08:17 AM IST

दो दिन की लगातार बारिश ने उत्तराखंड पर कहर बरपाया है। उधर कल बुधवार को भी भी बादलों से राहत के आसार कम हैं। पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर पर्वतीय इलाकों में तेज दौर की बारिश परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं, देहरादून हरिद्वार, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी में कल स्कूल बंद रहेंगे।मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि देहरादून, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

आने वाले दिनों की बात करें तो प्रदेश भर में 11 अगस्त तक तेज दौर की बारिश होने की संभावना है। केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने बताया, छह अगस्त को प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश परेशानी बढ़ा सकती है। हिदायत देते हुए कहा, आवश्यक न हो तो पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने से बचें और नदी-नालों के पास रहने वाले ज्यादा सतर्क रहें।पहाड़ों और मैदान पर एक साथ हो रही मूसलधार बारिश से हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा को भी पार कर गया। इससे गंगा घाट लोगों से खाली कराए गए।

निचले इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क किया गया। भारी बारिश की चेतावनी पर बुधवार को भी जनपद के समस्त स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।रविवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिससे जहां सोमवार को गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा के निशान के करीब पहुंच गया था, लेकिन मंगलवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के भी पार पहुंच गया। दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 293.30 मीटर दर्ज किया गया, जो गंगा के चेतावनी रेखा 293 मीटर से 30 सेंटीमीटर अधिक रहा। गंगा के खतरे का निशान 294 मीटर है। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में भयानक आपदा के बाद चिकित्सा सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने डॉक्टरों की छुट्टी रद्द करने के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आपदा प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दी है। आपदा में घायलों के इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज दून व एम्स ऋषिकेश में बेड आरक्षित किए गए। जानिए क्या आपदा का क्या है कारण?

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