राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा है कि अमेरिकी डॉलर का दर्जा छिनना विश्व युद्ध हारने जैसा होगा और वे डॉलर को गिरने नहीं देंगे। उन्होंने BRICS देशों की नीति और भविष्य पर भी बयान दिया। ट्रंप ने कहा, 'द जीनियस एक्ट वास्तव में अमेरिकी डॉलर को मज़बूत कर रहा है। यह कानून अमेरिकी मुद्रा की अहमियत को भी रेखांकित कर रहा है। ब्रिक्स देशों के समूह ने डॉलर के प्रभुत्व और दुनियाभर में मानक अमेरिकी मुद्रा पर कब्जा करने की कोशिश। वे ऐसा करना चाहते थे, लेकिन जब मैंने इसके सदस्यों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की तो अगले दिन उनकी बैठक हुई, जिसमें लगभग कोई भी नहीं आया।'अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'हम डॉलर को गिरने नहीं देंगे... अगर हम दुनिया की रिजर्व मुद्रा के रूप में डॉलर का दर्जा खो देते हैं, तो यह विश्व युद्ध हारने जैसा होगा।
' ट्रंप ने कहा, 'जब मैंने ब्रिक्स के छह देशों के समूह के बारे में सुना, तो मैंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। अगर वे कभी सार्थक रूप से संगठित होते भी हैं, तो भी यह समूह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा।' बकौल ट्रंप, ब्रिक्स नाम का एक छोटा सा समूह है, जो तेजी से लुप्त हो रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'गाइडिंग एंड एस्टैब्लिशिंग नेशनल इनोवेशन फॉर यूएस स्टेबलकॉइन्स एक्ट' यानी 'जीनियस एक्ट' (GENIUS Act) पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया। इस कानून का मकसद डिजिटल करेंसी में अमेरिका को दुनिया का सिरमौर बनाना और अमेरिकी डॉलर की वैश्विक वित्तीय प्रणाली में बादशाहत को और मजबूत करना है। ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा, 'इस एक्ट का नाम मेरे नाम पर रखा गया है। ये वाकई कमाल का कानून है!' इस मौके पर उन्होंने BRICS देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका) को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि डॉलर की सत्ता को चुनौती देने की कोशिश बेकार जाएगी।
GENIUS एक्ट पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने BRICS देशों पर तंज कसते हुए कहा, 'BRICS नाम का एक छोटा सा समूह है, जो तेजी से कमजोर पड़ रहा है। इन देशों ने डॉलर की सत्ता और उसकी प्रमुखता को चुनौती देने की कोशिश की थी। मैंने साफ कर दिया कि BRICS के किसी भी देश पर हम 10 फीसदी टैरिफ लगाएंगे। इसके बाद उनकी अगले दिन की बैठक में लगभग कोई नहीं आया।' ट्रंप ने एक बार फिर धमकाते हुए कहा कि अगर BRICS ने डॉलर को कमजोर करने की कोशिश की, तो उनका गठबंधन जल्दी खत्म हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर हमने डॉलर की वैश्विक रिजर्व करेंसी की हैसियत खो दी, तो ये किसी विश्व युद्ध हारने जैसा होगा। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।'