तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख Mamata Banerjee के आवास पर आयोजित पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक के बाद टीएमसी सांसद Kalyan Banerjee ने संगठन में किए गए बड़े फेरबदल और राजनीतिक निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक थी, जिसमें संगठन को और मजबूत बनाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कल्याण बनर्जी के अनुसार, Sukhendu Sekhar Roy और Sushmita Dev ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसके कारण संगठन में दो महत्वपूर्ण पद रिक्त हो गए थे। इन रिक्तियों को भरने और संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करने के उद्देश्य से नए बदलाव किए गए हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ नेता Sudip Bandyopadhyay, Mala Roy तथा एक अन्य नेता, जिन पर पार्टी के भीतर अलग गुट बनाने और संगठन से अलग दिशा में काम करने का आरोप है, को वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक था। इसके साथ ही वरिष्ठ नेता Saugata Roy और Jyotipriya Mallick को वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया है, जिससे पार्टी के निर्णय लेने वाले शीर्ष मंच को नया स्वरूप मिला है।
संगठनात्मक स्तर पर एक और बड़ा बदलाव करते हुए सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह Kunal Ghosh को कोलकाता उत्तर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, Sayani Ghosh को तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। इन फैसलों को पार्टी के भीतर व्यापक पुनर्गठन और नेतृत्व में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कल्याण बनर्जी ने बैठक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से जुड़े एक गंभीर मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगभग 4000 ईवीएम के जलने की घटना अत्यंत चिंताजनक है और पार्टी इस मामले को गंभीरता से उठाएगी। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और चुनावी प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस मामले की गहन जांच आवश्यक है। कुल मिलाकर, बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि तृणमूल कांग्रेस संगठन को नए सिरे से व्यवस्थित करने, आंतरिक चुनौतियों से निपटने और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।