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Swami Ramdev ON Students Protest: स्वामी रामदेव ने छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर दी तीखी प्रतिक्रिया!

Sun, 02 Aug 2026 02:25 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

योग गुरु स्वामी रामदेव ने हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं को अभद्र और हिंसक प्रदर्शनों के बजाय अपने कौशल, शिक्षा और व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल विरोध करने से नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, अनुशासन और रचनात्मक योगदान से संभव है। स्वामी रामदेव के अनुसार, लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन यह विरोध मर्यादित, शांतिपूर्ण और सम्मानजनक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, हिंसा करना या अशोभनीय व्यवहार अपनाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।

मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी रामदेव ने यह भी स्वीकार किया कि भारत की राजनीतिक, शैक्षिक और चिकित्सा व्यवस्थाओं में कई कमियां मौजूद हैं और इन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। हालांकि, उन्होंने यह तर्क दिया कि केवल शिक्षा मंत्री को बदल देने से शिक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा या सार्थक बदलाव नहीं आएगा। उनके अनुसार, वास्तविक सुधार के लिए पूरी व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन, बेहतर नीतियां, पारदर्शिता और सभी संबंधित पक्षों के सहयोग की जरूरत है।

स्वामी रामदेव ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को नकारात्मक गतिविधियों के बजाय नवाचार, अनुसंधान, रोजगार सृजन, योग, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाएं। उन्होंने कहा कि भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और यदि वे अपनी क्षमता का सही दिशा में उपयोग करें तो देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करना स्वाभाविक है, लेकिन विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जो समाज में सकारात्मक संदेश दे और संवाद के माध्यम से समाधान का रास्ता खोले। उनके इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक वर्गों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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