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Shivraj Patil Demise: इंदिरा-राजीव सरकार में संभाले अहम पद,कौन थे शिवराज पाटिल ?

Fri, 12 Dec 2025 01:51 PM IST
साहिल सुयाल वीडियो डेस्क,अमर उजाला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय राजनीति के मर्यादित चेहरों में से एक, शिवराज पाटिल अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के लातूर में 90 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु सिर्फ एक राजनीतिक अध्याय का अंत नहीं है, बल्कि भारतीय संसदीय जीवन की एक महत्वपूर्ण परंपरा का अवसान भी है। सात बार लोकसभा सांसद रहना, केंद्रीय गृह मंत्री और रक्षा राज्य मंत्री का दायित्व निभाना, राज्यपाल की कुर्सी की गरिमा बढ़ाना इन सबके बीच वे हमेशा सरलता, शालीनता और अनुशासन की मिसाल बने रहे।

यह कहना गलत नहीं होगा कि शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने बिना शोर-शराबे, बिना आक्रामकता और बिना किसी विवादित शैली के अपना स्थान देश की राजनीतिक धारा में ऊँचा बनाया। आइए समझते हैं कि कैसे एक साधारण परिवार से आने वाला यह व्यक्ति भारतीय राजनीति के बड़े स्तंभों में शामिल हो गया। शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर गांव में एक सामान्य परिवार में हुआ। उनका बचपन सादगी, मेहनत और अनुशासन से भरा था। परिवार में राजनीति का कोई विशेष इतिहास नहीं था, लेकिन शिक्षा ने उनके जीवन की दिशा तय कर दी। उन्होंने कानून की पढ़ाई की, जिसने आगे चलकर उनकी राजनीतिक सोच और सार्वजनिक जीवन के आचरण को गहरी दिशा दी।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में खुद को व्यस्त रखा। धीरे-धीरे उनकी पहचान स्थानीय स्तर पर एक सजग, गंभीर और सरल स्वभाव वाले व्यक्ति की बनने लगी और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की नींव रखी गई। पाटिल का राजनीतिक प्रवेश बड़े मंच से नहीं, बल्कि स्थानीय निकायों से हुआ। उन्होंने लातूर नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में अपनी पहली महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह वह दौर था जब स्थानीय जनता उनके शांत स्वभाव, जवाबदेही और ईमानदार कामकाज की प्रशंसक हो चुकी थी।

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