भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने कहा, "पश्चिम बंगाल में सांसदों पर हमले हो रहे हैं। राज्य में भ्रष्टाचार व्याप्त है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं. यह नया सामान्य है.हर गांव में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आक्रोश है.जब भाजपा के सांसद, विधायक, कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और राहत सामग्री प्रदान कर रहे हैं, तो ममता बनर्जी को इससे परेशानी है और वह हिंसा की राजनीति कर रही हैं.हम डरेंगे नहीं और टीएमसी को सत्ता से हटाने का समय आ गया है बिस्ता ने बताया कि यह हमला दार्जिलिंग के सुकिया पोखरी के पास मसधुरा में हुआ। उन्होंने कहा कि "अज्ञात बदमाशों" ने उनके काफिले पर हमला किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमलावर "कायरों" ने उन्हें निशाना बनाया था, लेकिन हमले का असर उनकी कार के ठीक पीछे चल रहे वाहन पर पड़ा, जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए। इस हमले में बिस्ता बाल-बाल बच गए।
सांसद बिस्ता ने इस हमले के समय को "बेहद संदिग्ध" बताया है। उन्होंने इस घटना को सीधे तौर पर केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में Gorkha मुद्दों के लिए एक वार्ताकार (Interlocutor) की घोषणा से जोड़ा है।
बिस्ता ने आरोप लगाया कि यह हमला क्षेत्र में शांति भंग करने की एक "सोची-समझी साजिश" का हिस्सा है।उन्होंने हमलावरों को चेतावनी देते हुए कहा, "हम उनके नापाक प्रयासों को कामयाब नहीं होने देंगे।" उन्होंने कहा कि "इस तरह के कायरतापूर्ण हमले हमारे हौसले को और मजबूत करते हैं।" बिस्ता ने अपने बयान में किसी पार्टी का नाम लिए बिना कहा, "अगर कोलकाता के प्रति वफादार लोग यह सोचते हैं कि हम इस तरह के हमलों से डर जाएंगे, तो वे गलत हैं।" इस घटना के संबंध में जोरबंगलो पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब राजू बिस्ता पर हमला हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2019 में भी कलिम्पोंग में उनके काफिले पर हमला हुआ था। उस समय उन्होंने इस हमले के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था और उन पर चाकू और पत्थरों से हमला करने का आरोप लगाया था।