NEET और छात्र आंदोलनों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश के युवाओं के नाम एक वीडियो संदेश जारी कर उनके हौसले को सलाम किया है। राहुल ने दावा किया कि युवाओं ने सरकार से जवाबदेही मांगने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई, लेकिन प्रदर्शन के दौरान उन्हें पुलिस की कथित बर्बरता और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। राहुल ने खास तौर पर छात्राओं के संघर्ष का जिक्र किया और कहा कि तमाम दबाव के बावजूद उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकी। अब 22 अगस्त को पुणे में सिर्फ लड़कियों के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के ऐलान के साथ कांग्रेस ने इस मुद्दे को और बड़ा राजनीतिक मंच देने की तैयारी कर ली है।
देश में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर सियासत एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब साढ़े दस मिनट का एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में राहुल गांधी NEET और छात्र आंदोलनों में शामिल प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो के साथ राहुल गांधी ने देश के युवाओं के साहस और हिम्मत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ जिस तरह साहस दिखाया और जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है। राहुल के मुताबिक, युवाओं ने अपनी लड़ाई शांति और संयम के साथ लड़ी और अपनी बात रखने के लिए मोहब्बत और हंसी-मजाक का भी सहारा लिया।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें देश के हर युवा पर गर्व है। खास तौर पर उन्होंने उन छात्राओं के संघर्ष का जिक्र किया, जिन्होंने कथित दबाव, धमकी और बदसलूकी के बावजूद अपनी आवाज बुलंद रखी।
राहुल गांधी के साथ बातचीत में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। एक छात्रा ने बताया कि उसका पेपर लीक नहीं हुआ था, लेकिन वह अपनी बहन और दूसरे छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुई। छात्रा ने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना उसकी जिम्मेदारी थी।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर बर्बर लाठीचार्ज किया। एक छात्रा ने दावा किया कि उसे कई बार लाठियां मारी गईं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नेम-प्लेट हटा रखी थी और कुछ ने चेहरे ढके हुए थे।
वीडियो में प्रदर्शनकारियों ने पैलेट गन के कथित इस्तेमाल का भी दावा किया। एक छात्रा ने एक छात्र के घायल होने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पैलेट लगने से उसके कान के पास गंभीर चोट आई और उसे सर्जरी करानी पड़ी।
छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें देशद्रोही और आतंकवादी तक कहा गया। कुछ प्रदर्शनकारियों को वैन में कई घंटे तक रोके रखने और उनके मोबाइल फोन ले लिए जाने का भी दावा किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस वीडियो में सामने नहीं आता।
प्रदर्शनकारियों ने मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी लगाए। मुंबई के NEET प्रदर्शन में शामिल रिया अहीर ने दावा किया कि उनके सामान्य फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
छात्राओं ने कैमरे के सामने कथित तौर पर जबरन माफी मंगवाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनका सवाल था कि जब उन्होंने कोई गलती नहीं की थी तो माफी क्यों मंगवाई गई और उस माफी को स्वीकार करने के बाद प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का क्या मतलब था।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में खास तौर पर देश की बेटियों के हौसले को सलाम किया। उन्होंने कहा कि इन छात्राओं ने बदसलूकी, धमकियों और हिंसा के आरोपों के बावजूद हिम्मत नहीं छोड़ी।
अब राहुल गांधी ने 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का ऐलान किया है। उनके मुताबिक, इस बार यह कार्यक्रम पूरी तरह लड़कियों के लिए होगा। मंच से छात्राएं खुलकर अपनी बात रखेंगी और राहुल ने दावा किया कि पूरा देश उनकी आवाज सुनेगा।
कांग्रेस इस अभियान के जरिए युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक तौर पर और मजबूती से उठाने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने लोगों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील भी की है। यानी छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और युवाओं की आवाज अब एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में है।