पंजाब की बाढ़ त्रासदी के बीच एक संवेदनशील पल लोगों के दिलों को छू रहा है। विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अमृतसर दौरे के दौरान एक छोटे बच्चे से किया वादा निभाकर मानवता और संवेदनशीलता का संदेश दिया है।
राहुल गांधी 15 सितंबर को पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे थे। वह अमृतसर के अजनाला और गुरदासपुर के बाद अमृतसर के धोनेवाल गांव भी गए। यहां उन्होंने हालात का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
इसी दौरान एक 8 साल का बच्चा अमृतपाल सिंह उनसे मिला। रोते हुए अमृतपाल ने राहुल गांधी को बताया कि बाढ़ के पानी में उसकी प्यारी साइकिल बह गई। यह सुनकर राहुल गांधी भावुक हो गए। उन्होंने बच्चे को गोद में उठाकर गले लगाया और चुप करवाया। उसी समय उन्होंने वादा किया कि वह उसे एक नई साइकिल देंगे।
अब तीन दिन बाद राहुल गांधी ने अपना वादा निभाया। बुधवार को राहुल गांधी की ओर से अमृतपाल सिंह को एक नई नीली साइकिल भेजी गई। जब साइकिल उसके घर पहुंची तो बच्चा खुशी से झूम उठा। उसका चेहरा खिल उठा और उसकी आंखों में चमक लौट आई।
केवल इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने वीडियो कॉल के जरिये अमृतपाल और उसके परिवार से बात भी की। उन्होंने बच्चे से साइकिल चलाने और पढ़ाई में मेहनत करने के लिए कहा।
अमृतपाल के माता-पिता इस gesture से गदगद नजर आए। उन्होंने कहा,
“भले ही इस मुश्किल घड़ी में हमें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन राहुल गांधी का यह कदम हमें हिम्मत देता है। छोटे बच्चे का दुख समझकर उसे खुश करना हमारे लिए बड़ी राहत है।”
परिवार ने राहुल गांधी का आभार जताया और कहा कि इस संवेदनशीलता ने बाढ़ पीड़ितों को यह भरोसा दिलाया है कि उनके दर्द को सुना और समझा जा रहा है।
गांव के लोग भी इस पहल से प्रभावित दिखे। उनका कहना था कि नेता अक्सर बड़े वादे करते हैं, लेकिन उन्हें निभाने का साहस कम ही लोग दिखाते हैं। राहुल गांधी ने एक बच्चे से किया छोटा-सा वादा निभाकर साबित किया है कि राजनीति केवल भाषणों की नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी होती है।
सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गईं। कई यूजर्स ने इसे “राजनीति में संवेदनशीलता की मिसाल” बताया।
गौरतलब है कि पंजाब इस समय बाढ़ की भीषण मार झेल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही बता चुके हैं कि 2300 गांव डूब चुके हैं, करीब 7 लाख लोग बेघर हो गए हैं और अब तक 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राहुल गांधी का यह कदम न केवल एक बच्चे की मुस्कान लौटाने वाला है, बल्कि लोगों के बीच भरोसा और हौसला जगाने वाला भी है।