उत्तर भारत में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के चलते लोगों की दुश्वारियां जारी हैं। सोमवार सुबह करीब पौने सात बजे हरिद्वार में टनल के पास रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने से रेल यातायात करीब 11 घंटे बंद रहा। इस दौरान 23 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। पंजाब में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 51 पर पहुंच गई है और 3.87 लाख लोग प्रभावित हैं। 4.34 लाख एकड़ क्षेत्र में फसले भी बर्बाद हो गई है। राज्य सरकार ने प्रति एकड़ 20,000 रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश से हालात खराब बने हुए हैं और कई सड़कें बंद हैं। कटड़ा में माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार 14वें दिन निलंबित रही।पंजाब में बाढ़ की स्थिति और भी बदतर हो गई है. पंजाब के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, मरने वालों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है, जो कि रविवार को 46 थी. पिछले एक सप्ताह से भारी मॉनसून बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं.
हालांकि राहत कार्य बड़े पैमाने पर चल रहे हैं. पीएम मोदी आज के दिन हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा करेंगे. दोपहर 1:30 बजे पीएम मोदी कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश पहुंचेंगे, जहां वे अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.पीएम मोदी बाढ़ व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. दोपहर 3 बजे पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष अमन अरोड़ा को उम्मीद है कि केंद्र सरकार पंजाब के लिए राहत पैकेज की घोषणा करेगी. उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का शुरुआती अनुमान 20,000 करोड़ रुपये है. वहीं, पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पीएम मोदी स्थिति को लेकर "गहरी चिंता" में हैं और पंजाब के लोगों को अधिकतम सहायता प्रदान करने के लिए स्थानीय स्थिति का मुआयना करेंगे.पंजाब के तीनों बांधों भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर में पानी की आवक घट गई है। हालांकि, बांधों से सतलुज, ब्यास व रावी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब भी पानी जमा है।लोग घरों की छतों या फिर राहत शिविरों में आश्रय लिए हुए हैं। लुधियाना में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गांव ससराली में तटबंध टूटने से सतलुज दरिया का पानी खेतों में पहुंच चुका है।
गौंसगढ़, गड़ी फजल और चाड में सतलुज के किनारे नाजुक हो गए हैं।घग्गर के कारण पटियाला, संगरूर व मानसा में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। फिरोजपुर, फाजिल्का व कपूरथला में खेतों में सात से आठ फीट और सड़कों पर चार से पांच फीट पानी है। घरों में गाद व सिल्ट भरने से लोग परेशान हैं।सभी शिक्षण संस्थान सोमवार से खुल जाएंगे। हालांकि, बाढ़ प्रभावित जिलों में फैसला जिला प्रशासन करेगा। अमृतसर में सोमवार को भी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सभी शैक्षणिक संस्थान आज खोले जाएंगे। निजी स्कूल शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए खुल जाएंगे व प्रबंधक सुनिश्चित करेंगे कि स्कूल की इमारतें व कक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित हों।सरकारी स्कूलों में सोमवार को सिर्फ शिक्षक व स्टाफ रहेगा। विद्यार्थी मंगलवार को आएंगे। स्कूलों में सफाई एसएमसी, पंचायतों, नगर कौंसिलों व निगमों की मदद से करवाई जाएगी। शिक्षक इमारतों की जांच करेंगे। खामी मिलने पर सूचना तुरंत प्रशासन, उपमंडल मजिस्ट्रेट या इंजीनियरिंग विभाग को दी जाएगी।