राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी लागू होने पर कहा कि, जीएसटी का लागू होना सही मायने में भारतीय लोकतंत्र के लिए आर्थिक आजादी की तरह है और ये देश को समर्पित है। 14 साल पहले शुरू हुई इस जीएसटी यात्रा को मैंने बेहद करीब से देखा है। निजी तौर पर भी ये मेरे लिए बहुत संतोष देने वाला क्षण है। प्रणब मुख्रजी ने कहा कि, 2007 में पहली बार जीएसटी पर प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया था। मुझे भरोसा था कि जीएसटी लागू होगा, आखिरकार मेरा यकीन सच साबित हुआ।