बीते 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में दो सौ से ज्यादा यात्रियों की मौत हुई और 1 यात्री चमत्कारिक रूप से बचा। हादसे में कई लोग जमीन पर भी घायल हुए और जानें गईं। इस विमान दुर्घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया। हादसे के बाद से लेकर अब तक तक कई अहम कदम उठाए गए हैं। विमान हादसे के तुरंत बाद अहमदाबाद पुलिस, दमकल विभाग, एयरपोर्ट सुरक्षा बल और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। मौके पर फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां, 15 से ज्यादा एंबुलेंस और बचाव कर्मी पहुंचे। मलबे से शवों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का कार्य तेज़ी से हुआ। घायलों को अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल और मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। सेना और रेलवे की मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया।
हादसे के अगले दिन एयरक्राफ्ट का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) बरामद कर लिए गए। ये डिवाइसेज जांच के लिए दिल्ली स्थित DGCA लैब भेजे गए हैं। इनसे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हादसे से ठीक पहले विमान में क्या तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय चूक हुई थी। DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने तुरंत जांच शुरू की। साथ ही अमेरिका की NTSB और विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने भी अपनी टीमें भारत भेजीं। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच बन गई है क्योंकि विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर मॉडल था। UK की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) भी जांच में शामिल हो गई है क्योंकि उड़ान लंदन जा रही थी। इतना ही नहीं इसके आगे टेक्निकल जांच और बेड़े की समीक्षा भी की गई DGCA ने एयर इंडिया के पूरे बोइंग 787 बेड़े (787-8 और 787-9) की जांच के आदेश दे दिए हैं। सभी विमानों के इंजन, ईंधन प्रणाली, हाइड्रोलिक सिस्टम और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया में कई उड़ानें रद्द भी करनी पड़ीं जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। टाटा समूह और एयर इंडिया ने मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त ₹25 लाख की विशेष सहायता भी घायलों और बचने वाले एकमात्र यात्री को देने की बात कही गई है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से भी सहायता राशि प्रदान की जा रही है।