भोजपुरी सुपरस्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी गाने या फिल्म के लिए नहीं, बल्कि एक पारिवारिक विवाद के चलते। रविवार को उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेलिब्रिटी अपार्टमेंट में जमकर हंगामा किया। यह वही फ्लैट है जहां पवन सिंह रहते हैं। ज्योति जब वहां पहुंचीं तो सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रोक दिया और पुलिस को बुला लिया। इसके बाद जो कुछ हुआ, उसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी।
ज्योति सिंह ने मौके पर पुलिस से कहा कि वह अपने पति से बिना मिले वापस नहीं जाएंगी। उनका कहना था कि यह उनका वैवाहिक घर है और उन्हें वहां रहने का पूरा अधिकार है।
पुलिस ने जब उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने फोन निकालकर वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया और लाइव होकर कहा “अगर मुझे यहां से जबरदस्ती निकाला गया तो मैं जहर खा लूंगी।”
वीडियो में ज्योति पुलिसवालों से बहस करती दिखीं और रोते हुए बोलीं “मैं अपने पति के घर आई हूं, मुझे बाहर क्यों निकाला जा रहा है? मुझे इंस्पेक्टर धमका रहे हैं।”
हंगामे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग अपार्टमेंट के बाहर जुट गए। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली। इसी बीच पवन सिंह के भाई फ्लैट से निकले और ज्योति को अंदर ले गए। फिलहाल डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि “पवन सिंह और ज्योति के बीच विवाद पुराना है। पुलिस स्थिति को संभालने गई थी, फिलहाल दोनों एक ही फ्लैट में हैं।”
इस घटनाक्रम के बाद ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पवन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा-
“लोकसभा चुनाव में मैंने हर कदम पर उनका साथ दिया। लोगों से वोट मांगे, प्रचार किया, लेकिन अब वही मुझे बेइज़्ज़ती कर रहे हैं। यूपी पुलिस से मेरा अपमान कराया गया। यह सिर्फ मेरा नहीं, हर पत्नी का अपमान है।”
उन्होंने रोते हुए कहा-
“मुझे उनके घर से बेदखल कर दिया गया। अगर मुझे इंसाफ नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। मुझे यूज एंड थ्रो किया गया है।”
यह विवाद ऐसे वक्त में सामने आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल बन चुका है। पवन सिंह की बीजेपी में हाल ही में हुई वापसी के बाद चर्चाएं थीं कि वह भोजपुर जिले की किसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन ज्योति सिंह के इस सार्वजनिक बवाल ने उनकी सियासी साख पर गहरा असर डाला है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला पवन सिंह की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। विरोधी दल अब इस मुद्दे को हाथ में लेकर उन्हें बैकफुट पर लाने की कोशिश करेंगे।
दरअसल, पवन सिंह और ज्योति सिंह के रिश्ते में खटास पिछले साल लोकसभा चुनाव के बाद से ही बढ़ने लगी थी। जब पवन सिंह काराकाट सीट से मैदान में उतरे थे, तब ज्योति ने उनके लिए प्रचार किया था और लोगों से वोट मांगे थे।
लेकिन चुनाव के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं। बताया जाता है कि ज्योति भी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं और लगातार रोहतास और औरंगाबाद जिलों में सक्रिय रहीं।
हालांकि, जैसे ही पवन सिंह ने बीजेपी में दोबारा वापसी की, हालात बदल गए। ज्योति ने खुलकर कहा कि वह अपने पति से मिलेंगी और अपने अधिकार की बात करेंगी। रविवार को वह इसी सिलसिले में लखनऊ पहुंचीं, लेकिन वहां उन्हें रोक दिया गया और फिर वह सन्नाटा, जो कुछ मिनटों में बवाल में बदल गया।
अब सवाल यह है कि इस विवाद का असर पवन सिंह की सियासत पर कितना पड़ेगा। बीजेपी के भीतर ही कई लोग इस विवाद से असहज महसूस कर रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विपक्षी दल ज्योति सिंह से संपर्क साध सकते हैं और अगर वह किसी पार्टी में शामिल हो गईं तो हालात पूरी तरह बदल सकते हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो ज्योति उसी सीट से चुनाव लड़ सकती हैं, जहां से पवन सिंह उतरने की तैयारी में हैं।
लखनऊ पुलिस ने फिलहाल किसी तरह की प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। लेकिन सोशल मीडिया पर ज्योति सिंह के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें वह भावनात्मक रूप से टूटती दिखाई दे रही हैं।
बिहार की राजनीति में यह विवाद अब “व्यक्तिगत झगड़ा” न रहकर एक सियासी मुद्दा बनता दिख रहा है।
पवन सिंह की सियासी राह, जो हाल ही में बीजेपी की वापसी से मजबूत हुई थी, अब व्यक्तिगत जीवन के इस तूफान से हिलती नज़र आ रही है।
अब देखना यह है कि क्या पवन सिंह इस विवाद को संभाल पाते हैं, या फिर उनकी सियासी पारी ज्योति सिंह के आंसुओं के बीच ही फंसकर रह जाएगी।