Shehbaz Sharif ने कहा कि Loan लेने की प्रक्रिया आसान नहीं होती। जब कोई देश कर्ज मांगता है तो उसे कई शर्तें और दबाव झेलने पड़ते हैं, जिनकी कई बार कोई ठोस योग्यता भी नहीं होता। उन्होंने साफ शब्दों में माना कि ऐसे हालात में देश को दूसरों की शर्तें माननी पड़ती हैं, चाहे वे उचित हों या नहीं।