क्या राजधानी एक बार फिर उसी डर की ओर लौट रही है, जो 2020-21 में हर कोने में पसरा हुआ था?
कोरोना से बीते कुछ समय से थमा सा दिख रहा दिल्ली एक बार फिर डराने लगा है। ताजा मामला एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत से जुड़ा है, जो पहले से मुंह के कैंसर और किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। लेकिन जब उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो मामला अचानक गंभीर हो गया।
यह मौत कोरोना से दिल्ली में अब तक की 13वीं पुष्टि की गई मौत बन गई है। हैरानी की बात ये है कि बीते कुछ दिनों से राजधानी में मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन 15 जून को पहली बार एक ही दिन में तीन लोगों की मौत ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया था।
15 जून को जो तीन मौतें हुई थीं, वे सभी हाई-रिस्क ग्रुप से ताल्लुक रखती थीं। 57 वर्षीय महिला, 83 वर्षीय वृद्धा और 57 वर्षीय पुरुष – सभी को मधुमेह (डायबिटीज), फेफड़ों की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां थीं। अब 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत ने साबित कर दिया है कि कोरोना का नया स्ट्रेन पुरानी कमजोरियों पर बेहद खतरनाक वार करता है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, फिलहाल राजधानी में कुल 620 सक्रिय मरीज हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि शनिवार को कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ, और 212 लोग रिकवर हो गए। इससे एक्टिव केस घटकर 672 से 620 तक आ गए हैं। फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस वैरिएंट की निगरानी सही तरीके से नहीं की गई तो यह फिर से तेजी से फैल सकता है।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कोविड डैशबोर्ड के मुताबिक,
• 1 जनवरी 2025 से अब तक 1960 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
• इनमें से 13 मरीजों की मौत हो चुकी है।
• दिल्ली देश में कोरोना एक्टिव केस के मामले में दूसरे नंबर पर है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि नया स्ट्रेन पहले की तुलना में तेजी से फैलने वाला है, लेकिन वह ज्यादा घातक है या नहीं, इसका अभी अध्ययन जारी है।
खास बात यह है कि बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। ये नया वैरिएंट शुरुआत में हल्के लक्षण दिखाता है लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर श्वसन तंत्र तक पहुंच सकता है।
कोरोना के सामान्य लक्षण:
• बुखार या कंपकंपी
• सूखी खांसी
• गले में खराश
• सिरदर्द और बदन दर्द
• थकान और कमजोरी
• स्वाद या गंध की कमी
• सांस लेने में दिक्कत
फिलहाल दिल्ली सरकार ने कोई नई पाबंदी लागू नहीं की है। लेकिन सरकारी सूत्रों के मुताबिक यदि मौतों और मामलों में उछाल जारी रहा, तो मास्क अनिवार्य किए जा सकते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ पर रोक लग सकती है।
पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोविड उचित व्यवहार, जैसे कि:
• मास्क पहनना,
• बार-बार हाथ धोना,
• सामाजिक दूरी बनाए रखना —
फिर से जरूरी हो सकते हैं।
दिल्ली के लोग पहले भी कोरोना की कई लहरें झेल चुके हैं। इस बार भी जनता की जागरूकता और सरकार की सतर्कता ही इस संक्रमण पर नियंत्रण ला सकती है। सिर्फ एक बुजुर्ग की मौत नहीं - यह संकेत है कि खतरा गया नहीं है, केवल रूप बदल चुका है। अब समय है कि फिर से सतर्क हो जाएं - मास्क को अलमारी से निकालें, और ज़रूरत पड़े तो डॉक्टर से मिलें। यदि कोई लक्षण दिखे तो लापरवाही न करें। खुद भी जांच कराएं, और दूसरों को भी सावधान करें।