साल 2026 का आगमन भारत सहित पूरी दुनिया में जबरदस्त उत्साह और नई उम्मीदों के साथ हुआ है। भारत में नए साल का स्वागत करने के लिए दिल्ली के कनॉट प्लेस, मुंबई के मरीन ड्राइव और गोवा के तटों पर भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोगों ने रात 12 बजते ही शानदार आतिशबाजी और संगीत के बीच एक-दूसरे को बधाई दी। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों जैसे मनाली, शिमला और कश्मीर के गुलमर्ग में पर्यटकों ने बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बावजूद अलाव और पार्टी के साथ जश्न मनाया, जबकि दक्षिण भारत में बेंगलुरु और चेन्नई की सड़कों पर युवाओं की टोलियां नए साल के स्वागत में झूमती नजर आईं। धार्मिक स्थलों जैसे वाराणसी के गंगा घाटों, मथुरा और हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने विशेष आरती और पूजा-अर्चना के साथ आध्यात्मिक रूप से साल की शुरुआत की। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को सुख-समृद्धि और शांति का संदेश देते हुए नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
भारत ने नए साल 2026 का स्वागत बेहद उत्साह और उमंग के साथ किया है। उत्तर में कश्मीर की बर्फीली वादियों से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी के तटों तक, पूरा देश जश्न के रंग में डूबा नजर आया। श्रीनगर के लाल चौक और गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट्स में पर्यटकों की भारी भीड़ ने बर्फबारी के बीच संगीत और नृत्य के साथ साल का आगाज किया, तो वहीं कन्याकुमारी में लोगों ने समुद्र की लहरों के बीच 2025 के आखिरी सूर्यास्त को विदा कर नई सुबह का अभिनंदन किया। दिल्ली के कनॉट प्लेस और मुंबई के मरीन ड्राइव जैसे प्रतिष्ठित स्थलों पर हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जहाँ आधी रात को आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। वाराणसी के घाटों और अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं ने प्रार्थना और आरती के साथ आध्यात्मिक शुरुआत की। गोवा के बीच (Beaches) और बेंगलुरु की सड़कों पर युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को सुख-समृद्धि की शुभकामनाएं दीं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए पुलिस बल पूरी रात मुस्तैद रहा।
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के मॉल्स, होटल और पब पूरी तरह पैक रहे। मरीन ड्राइव पर हजारों लोगों ने एक साथ साल का पहला सेकंड गिना। मसूरी और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर 'नो वैकेंसी' के बोर्ड लगे रहे और पर्यटकों ने पहाड़ी स्वाद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
अयोध्या के राम मंदिर और उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। भारत से पहले किरिबाती और न्यूजीलैंड जैसे देशों ने आतिशबाजी के साथ 2026 का स्वागत किया था।