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Cough Syrup New Rule: केंद्र सरकार ने बनाया कड़ा नियम,मेडिकल स्टोर पर पर्ची के बिना नहीं खरीद पाएंगे

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Sat, 29 Nov 2025 09:08 AM IST

कफ सिरप से कई बच्चों की मौतों और दुष्प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी मनमानी बिक्री पर लगाम लगाने के लिए कड़ा कदम उठाया है। अब अधिकांश कफ सिरप डॉक्टर की पर्ची के बिना मेिडकल दुकानों पर नहीं बेचे जा सकेंगे। उन्हें हर प्रिस्क्रिप्शन का रिकॉर्ड रखना होगा। साथ ही, कफ सिरप व गुणवत्ता जांच के कड़े नियमों का पालन करना होगा।सरकार की शीर्ष नियामक औषध परामर्श समिति ने कफ सिरप को उस शेड्यूल से हटाने की मंजूरी दे दी है, जिसके प्रावधान कफ सिरप को लाइसेंसिंग व खास निगरानी नियमों से छूट देते थे। यानी इसे खरीदने के लिए डॉक्टर की सलाह और पर्चा अनिवार्य होगा।समिति के एक सदस्य ने कहा कि प्रस्ताव इसलिए लाया गया, क्योंकि तीन वर्षों में भारत से निर्यात कई कफ सिरपों में डाई-एथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) और ईथिलीन ग्लाइकोल (ईजी) जैसे घातक रसायन पाए गए। इसके चलते गाम्बिया, उज्बेकिस्तान व कैमरून में कई बच्चों की मौतें हुईं।  हाल में मध्य प्रदेश में भी कई बच्चों की इससे मौत हो गई। समिति के मुताबिक, सरकार की कोशिश है कि खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारी में भी खुद दवा लेने के बजाय लोग डॉक्टर से परामर्श लें।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक शीर्ष अफसर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे गलत दवा सेवन, दुष्प्रभाव रोका जा सकेगा। हाल में यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग कफ सिरप का नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, कई माता-पिता बिना डॉक्टर से पूछे बच्चों को सिरप दे रहे हैं।मध्य प्रदेश कफ सिरप त्रासदी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कई बच्चों की मौत से जुड़े कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने के आरोपी डॉक्टर की पत्नी ज्योति सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, ज्योति सोनी को प्रतिबंधित कफ सिरप की आपूर्ति के लिए 27% कमीशन मिलता था। सितंबर और अक्टूबर में बैतूल और छिंदवाड़ा ज़िलों में कम से कम 24 बच्चों की दूषित कफ सिरप पीने से मौत हो गई।



इसी मेडिकल से बिके थे कफ सिरप
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी 'उस मेडिकल स्टोर की मालिक हैं जहां से कई पीड़ितों को कफ सिरप बेचा गया था। हमें ज्योति सोनी की तीन दिनों की हिरासत मिली है। हमने तर्क दिया कि उन्हें कोल्ड्रिफ कफ सिरप बेचने के लिए 27% कमीशन मिल रहा था। उनके पति, डॉ. प्रवीण सोनी, कफ सिरप लिखने के लिए 10% अलग से कमीशन लेते थे।'श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के निदेशक, प्रवीण सोनी और जबलपुर के एक थोक विक्रेता के खिलाफ 4 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर में, परासिया ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकित सहलम ने आरोप लगाया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत हो गई, जिसमें जहरीला मिलावटी डाइएथिलीन ग्लाइकॉल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि परासिया उपखंड में पांच साल से कम उम्र के कई बच्चों का सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार का इलाज डॉ. सोनी ने किया था, जो परासिया के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में तैनात थे।इस कांड में अब तक कुल 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं-
 

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