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Nepal: नेपाल में भड़के Gen Z आंदोलन की जानें इनसाइड स्टोरी | Exclusive Interview | AmarUjala

वीडियो डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 14 Sep 2025 04:41 PM IST

कई दिनों की अशांति के बाद नेपाल में अब धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो रहा है। काठमांडो घाटी समेत देश के अन्य हिस्सों से शनिवार को कर्फ्यू और प्रतिबंधात्मक आदेश हटा लिया गया। दुकानें, किराना स्टोर, सब्जी बाजार और शॉपिंग मॉल दोबारा खुल गए हैं। सड़कों पर भी वाहनों की चहल-पहल बढ़ गई है। इस बीच, शनिवार को प्रमुख सरकारी भवनों समेत कई स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया, जिन्हें हाल ही में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर दिया गया था। जेन-जी युवाओं के साथ इनमें समाजसेवी केपी खनाल भी जुटे रहे। नेपाल में भड़के आंदोलन और युवाओं की आवाज के पीछे की असली वजह को लेकर अमर उजाला की टीम से केपी खनाल ने खास बातचीत की और पूरे मामले से पर्दा उठाया है। 


बता दे की अब नेपाल की नवनियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार सुबह 11 बजे सिंह दरबार में आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश कार्की को शुक्रवार रात को अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं। वह मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देने में अपने सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श कर रही हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार छोटा होगा।अंतरिम प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद सुशीला कार्की ने कहा, हिंसा में शामिल लोगों की जांच की जाएगी। मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं। हम छह महीने से अधिक नहीं रुकेंगे। हम नई संसद को जिम्मेदारी सौंप देंगे। आपके सहयोग के बिना हमें सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि, नेपाल में 24 घंटे की आवाजाही पहली प्राथमिकता है। वे आर्थिक समानता और भ्रष्टाचार उन्मूलन की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पीएम कार्की गृह, विदेश और रक्षा समेत लगभग दो दर्जन मंत्रालय अपने पास रख सकती हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच शनिवार को समय निकालकर वह सरकार विरोधी प्रदर्शन में घायलों से मिलने सिविल अस्पताल भी गईं थीं। शुक्रवार को शपथ लेने के तुरंत बाद भी वह अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना था।

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