15 अगस्त 1947 को जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार भारत के प्रत्येक नागरिक को संबोधित किया. यह संबोधन भारतीयों को अंदर जान फूंकने का काम करने वाली थी और उनके संबोधन में दुनिया को एक नए भारत की झलक दी. वह भारत जो आत्मनिर्भर होने तैयारी कर रहा था. वह भारत तो पश्चिमी देशों के लिए केवल संपेरों, जादूगरों और अंधविश्वासियों का भारत था, वह एक नया उड़ान भरने को तैयार था.