सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में अमर उजाला की पहल ‘एमएसएमई फॉर भारत’ का मंगलवार को चार शहरों में सफल आयोजन हुआ। एमएसएमई फॉर भारत कार्यक्रम शृंखला के पहले चरण में 26 शहरों में क्षेत्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है।
इन क्षेत्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन आज नोएडा, कानपुर, पानीपत और मथुरा में हुआ। क्षेत्रीय कॉन्क्लेव में हरियाणा के ऊर्जा, श्रम एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने मुख्य अतिशि के तौर पर शिरकत की। नोएडा में सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा। कानपुर में यूपी सरकार के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान तो मथुरा में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने बतौर मुख्य अतिथि उद्यमियों को संबोधित किया। इस दौरान पैनल चर्चाओं का भी आयोजन हुआ। इसमें स्थानीय उद्यमी, उद्योगपति, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ एक मंच पर एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों, समाधान और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
क्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को जरूरी जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण काम कर रहे हैं। नोएडा के सीईओ लोकेश एम ने बताया कि जल्दी ही एमएसएमई की जरूरत को पूरा करने के लिए छोटे भूखंड की योजना लॉन्च होगी। इसके अलावा ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जिससे प्राधिकरण में उद्यमियों की समस्याएं तुरंत हल हों। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने भी बताया कि अगले दो साल में उद्यमी काफी कुछ बदलाव देखेंगे। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क सहित इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं।
एमएसएमई फॉर भारत मंथन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों पर उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएं रखी। कैबिनेट मंत्री ने उद्योगपतियों की समस्याओं को सुना और उन्हें समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में पहुंचे सभी उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया।
मथुरा में मंगलवार को ब्रजवासी लैंड्स इन में अमर उजाला द्वारा आयोजित एमएसएमई फॉर भारत मंथन में मंत्री, अधिकारियों और उद्यमियों ने मंच साझा किया। गन्ना एवं चीनी मिल मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण ने ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) क्षेत्र के कारण मथुरा में कुछ बंदिशें होने की बात स्वीकारी। वहीं अन्य समस्याओं के निराकरण का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने कहा कि छाता में टीटीजेड क्षेत्र लागू नहीं होता है, इसलिए वहां उद्यम स्थापित करने में बेहतर मौके हैं।