अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के बीच कानपुर में चार बूचड़खानों को बंद कर दिया गया। जिसके विरोध में मीट कारोबारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कूली बाजार में प्रदर्शन किया। बूचड़खाने बंद होने के चलते तीन सौ से अधिक दुकानदार बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में सबकी नजर सूबे की सरकार पर है कि वो बूचड़खानों पर आगे क्या रणनीति बनाती है ।