Supreme Court on Maneka Gandhi: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर सुनवाई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के एक पीठ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के बयानों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई।
दरअसल, आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई के दौरान एक वकील ने दलील देते हुए कहा कि नसबंदी आदि की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। वहीं, मेनका गांधी की ओर से पेश हुए वकील रामचंद्रन की एक दलील पर न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने सवाल पूछते हुए कहा, 'आपकी मुवक्किल मंत्री रह चुकी हैं और पशु अधिकार कार्यकर्ता हैं। हमें बताएं कि आपके आवेदन में बजट आवंटन का जिक्र क्यों नहीं है। इन क्षेत्रों में आपके मुवक्किल का क्या योगदान रहा है?' इस पर वकील रामचंद्रन ने कहा कि मैं इसका मौखिक उत्तर नहीं दे सकता।
जस्टिस ने आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की आलोचना करने वाली टिप्पणियों पर नाराजगी जताई, और ये भी कहा कि उन्होंने कोर्ट की अवमानना की है।