दिल्ली भाजपा कार्यालय में मकर संक्रांति के अवसर पर खास उत्सव का आयोजन किया गया, जहां राजनीति, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। पार्टी के शीर्ष नेताओं, सांसदों, कार्यकर्ताओं और आमंत्रित गणमान्य लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व को मनाया। कार्यालय परिसर में सुबह से ही पर्व का उल्लास नजर आया और “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की झलक इस आयोजन में साफ दिखाई दी।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और देशभर में मनाए जाने वाले विभिन्न फसली पर्वों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वातावरण और सांस्कृतिक रंग देखने को मिला, जिसने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा अभिनेता-गायक और भाजपा नेता पवन सिंह का सांस्कृतिक प्रस्तुति देना। मकर संक्रांति के अवसर पर उन्होंने मंच से गीत गाए, जिन पर मौजूद लोग झूमते नजर आए। उनके गीतों ने न सिर्फ माहौल को उत्सवमय बनाया, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जोश और उत्साह भी बढ़ाया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ उनकी प्रस्तुति का स्वागत किया।
केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने इस मौके पर कहा कि मकर संक्रांति और पोंगल जैसे पर्व भारत की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “आज बहुत पवित्र दिन है। देश में पोंगल और मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। एक नई ऊर्जा, नई शक्ति और नए उत्साह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कल्याणकारी कार्य हो रहे हैं। हमारे अन्नदाता किसानों को मैं विशेष शुभकामनाएं देता हूं।”
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी सभी देशवासियों को मकर संक्रांति, बिहू और पोंगल की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधता है और विविधता में एकता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पोंगल उत्सव में शामिल होने का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।
वहीं, भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि मकर संक्रांति प्रकृति के साथ जुड़ने का पर्व है। उन्होंने दिल्ली भाजपा कार्यालय में पूर्वांचल मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी आयोजकों का धन्यवाद किया।
कुल मिलाकर, दिल्ली भाजपा कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक पर्व का आयोजन नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और राजनीतिक संवाद का मंच बनकर उभरा।