महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' की आहट और बड़े दलबदल के दावों के बीच शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए 22 जून को मुंबई के 'शिवालय' कार्यालय में विधायकों की आपात बैठक बुलाई है। इस महाबैठक में विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि आगामी मानसून सत्र से पहले किसी भी संभावित बिखराव को रोका जा सके। जहां एक तरफ विपक्षी और सत्तापक्ष के नेता दावा कर रहे हैं कि उद्धव गुट के कई जनप्रतिनिधि पाला बदलने की तैयारी में हैं, वहीं पार्टी नेतृत्व इन खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए अपने कुनबे को एकजुट रखने की हरसंभव कोशिश में जुटा है।
दूसरी तरफ, विरोधी खेमे के नेताओं ने उद्धव ठाकरे पर तीखे हमले तेज कर दिए हैं, जिसमें संजय निरुपम ने पार्टी के पूरी तरह समाप्त होने की भविष्यवाणी की है, तो कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि 7 सांसद और 16 विधायक उनके सीधे संपर्क में हैं। इन चौकाने वाले दावों के विपरीत, उद्धव खेमे की ओर से मोर्चा संभालते हुए संजय राउत ने इन सभी खबरों को कोरी अफवाह और भाजपा का दुष्प्रचार करार दिया है। राउत का स्पष्ट कहना है कि सभी 9 लोकसभा सांसद और विधायक पूरी मजबूती से उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं और हाल ही में मातोश्री में हुई बैठक में सभी ने नेतृत्व के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की है।