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Election Commission Chief ज्ञानेश कुमार के बयानों पर भड़का महागठबंधन। Congress । RJD

Sun, 17 Aug 2025 06:07 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

Election Commission Chief Gyanesh Kumar के बयानों पर भड़कते हुए RJD नेता मनोज झा ने कहा, "...यह संस्था (चुनाव आयोग) संविधान से पैदा हुई है, संविधान नहीं हैं... मैं उनसे (ज्ञानेश कुमार से) अनुरोध करूंगा कि वे सुकुमार सेन का स्मरण करें। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी भी ज्वलंत सवाल का जवाब नहीं मिला, संविधान के नाम पर संविधान की धज्जियां नहीं उड़ाई जा सकतीं..."

चुनाव आयोग ने रविवार को नेशनल मीडिया सेंटर में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'भारत के संविधान के अनुसार 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले भारत के प्रत्येक नागरिक को मतदाता बनना चाहिए और मतदान भी करना चाहिए। आप सभी जानते हैं कि कानून के अनुसार प्रत्येक राजनीतिक दल का जन्म चुनाव आयोग में पंजीकरण के माध्यम से होता है। फिर चुनाव आयोग समान राजनीतिक दलों के बीच भेदभाव कैसे कर सकता है? चुनाव आयोग के लिए न तो कोई विपक्ष है और न ही कोई पक्ष। सभी समान हैं। चाहे कोई किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हो, चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगा।'

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, 'पिछले दो दशकों से लगभग सभी राजनीतिक दल मतदाता सूची में त्रुटियों को सुधारने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए चुनाव आयोग ने बिहार से एक विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत की है। SIR की प्रक्रिया में सभी मतदाताओं, बूथ स्तर के अधिकारियों और सभी राजनीतिक दलों द्वारा नामित 1.6 लाख BLA ने मिलकर एक मसौदा सूची तैयार की है।'
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया में एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारी, 10 लाख से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट, उम्मीदवारों के 20 लाख से ज्यादा पोलिंग एजेंट काम करते हैं। इतने सारे लोगों के सामने इतनी पारदर्शी प्रक्रिया में क्या कोई मतदाता वोट चुरा सकता है?

सीईसी ने कहा कि बिहार में मसौदा सूची जब से तैयार की जा रही थी, तभी से इसे सभी राजनीतिक दलों के बीएलए से हस्ताक्षर करा सत्यापित कराया गया। इसमें आने वाली त्रुटि को ठीक करने के लिए सभी राजनीतिक दल और मतदाता अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर में त्रुटि हटाने के लिए अभी भी 15 दिनों का समय बाकी है। हम सभी दलों और बीएलए से अपील करते हैं कि आने वाले 15 दिनों में सूची में त्रुटि को फॉर्म भरकर बताएं। जमीनी स्तर पर सभी बीएलओ, बीएलए और मतदाता मिलकर काम कर रहे हैं।

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