2017 उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के बाद कहा," उन्होंने आश्वासन दिया है कि बेटा आप परेशान मत हो। उनके आंखों में भी आंसू आ गए कि ये देश का न्याय नहीं है ये अन्याय है। उन्होंने कहा कि हम आपको न्याय दिलाएंगे...दोनों (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) के आंखें नम थी। मैं पीएम मोदी से भी मिलना चाहती हूं और उन्हें अपना दुख दर्द बताना चाहती हूं क्योंकि मेरा है कौन? मैं इन्ही लोगों से अपना दुख बता सकती हूं।
2017 उन्नाव रेप केस की पीड़िता और महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना, कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के घर 10 जनपथ पहुंचीं। पीड़िता ने कहा, "हम बस उनसे मिलना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि हम किस दौर से गुज़र रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रपति से भी मिलना चाहती हूं। मुझे न्याय चाहिए
2017 के उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने कहा, "यह देश का पहला ऑर्डर है कि रेप केस में सज़ा पर रोक लगा दी गई और ज़मानत दे दी गई। देश की सभी बेटियां अब डरी हुई हैं कि उनके साथ रेप होगा और अपराधी बच जाएंगे.उसे हमसे 5 किमी दूर रहने का ऑर्डर देकर उन्होंने हमें हमारे घरों में कैद कर दिया है.मुझे सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है कि वह हमें न्याय देगी
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित किए जाने पर पीड़िता ने कहा, "मैंने फैसला सुना, मुझे बहुत बुरा लगा। मेरा मन किया कि मैं वहीं आत्महत्या कर लूं, लेकिन अपने परिवार के बारे में सोचकर मैंने खुद को रोक लिया। हमारे साथ अन्याय हुआ है.चुनाव आ रहे हैं और उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है ताकि उसकी पत्नी चुनाव लड़ सके। अगर ऐसा बलात्कार का आरोपी बाहर आएगा तो हम कैसे सुरक्षित रहेंगे? हर कोई असुरक्षित हो गया है। उसकी जमानत रद्द होनी चाहिए और उसे जेल भेजा जाना चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मुझे सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। हमें डर है कि उसे रिहा कर दिया गया है।
2017 उन्नाव रेप केस के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा सस्पेंड करने पर पीड़िता की बहन ने कहा, "मैं इससे खुश नहीं हूं। उसने मेरे बड़े पापा को मारा और फिर मेरे पिता को मारा, फिर मेरी बहन के साथ यह घटना हुई। उसे रिहा कर दिया गया है, लेकिन हम अभी भी खतरे में हैं। कौन जानता है, अब जब वे बाहर आ गए हैं, तो वे मुझे और मेरे पूरे परिवार को मार सकते हैं। अगर उन्होंने उसे रिहा कर दिया है, तो हमें जेल में डाल देना चाहिए। कम से कम हमारी जान तो सुरक्षित रहेगी। हम ज़िंदा तो रहेंगे। मेरी बहन दुखी है कि उनके ज़मानत से.मेरा परिवार पर अभी भी खतरा है। छोटे बच्चे हैं। मेरा एक भाई है। कौन जानता है कि वे उसके साथ क्या कर सकते हैं? उनके कई आदमी बाहर घूम रहे हैं, धमकियां दे रहे हैं और कह रहे हैं कि अब जब वह वापस आ रहा है, तो तुम मेरा क्या कर सकते हो? मैं तुम सबको मार डालूंगा।' हमें इस तरह की धमकियां मिलती हैं