कश्मीर में पिछले 4 महीने की अशांति के बाद मुगल गार्डन खाली-खाली है। घाटी में हर साल लाखों सैलानी पतझड़ का मौसम देखने आते हैं। पतझड़ जिसे स्थानीय भाषा में 'हरूद' कहा जाता है, ये शब्द कश्मीर की फिज़ाओं में कई तरह की हवा को दिखाता है । ये वो मौसम है जब चिनार के पेड़ हरे से सुनहरे रंग में तब्दील होते हैं। जिसका दीदार करने के लिए स्थानीय ही नहीं बल्कि बाहरी लोग भी कश्मीर पहुंचते हैं । लेकिन दुर्भाग्य से इस बार मुगल गार्डन में सैलानियों की वो तस्वीर अभी तो गायब है।