मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया, जिस पर अब सियासी घमासान छिड़ सकता है। विजयवर्गीय ने कहा कि जो लोग भाजपा को वोट नहीं देते, उन्हें सरकार की बनाई सड़कों पर नहीं चलना चाहिए और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए काम करती है। सवाल यह है कि क्या यह महज राजनीतिक टिप्पणी है या फिर विकास और वोट के रिश्ते पर नया विवाद? देखिए हमारी ये रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने विधानसभा क्षेत्र में करीब पौने दो करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जिस मोहल्ले में सड़क बनाई जा रही है, वहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
विजयवर्गीय ने कहा कि कई मुस्लिम कार्यकर्ता उनसे कहते हैं कि वे भाजपा को वोट नहीं देते। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि अगर आप भाजपा को वोट नहीं देते, तो फिर हम जो सड़क बना रहे हैं, उस पर मत चलना। आपके घर लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना का पैसा आ रहा है, तो उसे भी मत लेना। उनका यह बयान अब चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।
हालांकि, बयान के अगले ही हिस्से में विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि भाजपा किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं करती। पार्टी और सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के सिद्धांत पर काम करती है। उन्होंने कहा कि लोग भाजपा को वोट दें तो पार्टी और अधिक समर्पण के साथ काम करेगी, लेकिन वोट न देने पर भी विकास कार्य नहीं रुकेंगे और सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।
मंत्री ने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। सड़कों का चौड़ीकरण, पेयजल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क के विस्तार जैसे कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। उन्होंने चंदन नगर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 में विकास कार्यों का शुभारंभ किया और स्थानीय लोगों को इन परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने नगर निगम के जल टैंकर चालकों का सम्मान भी किया। इसके अलावा विधानसभा क्रमांक-1 की आंगनवाड़ियों में सांसद निधि से बोरिंग और फर्नीचर उपलब्ध कराने के कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने एक बच्ची का जन्मदिन भी मनाया। लेकिन इन तमाम कार्यक्रमों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने वोट और सरकारी योजनाओं के लाभ को जोड़कर टिप्पणी की।
राजनीति में बयान अक्सर नई बहसों को जन्म देते हैं और कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान भी अब उसी दिशा में बढ़ता दिख रहा है। एक ओर उन्होंने भाजपा की 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति दोहराई, तो दूसरी ओर वोट न देने वालों को सड़क और योजनाओं का लाभ न लेने की बात कहकर राजनीतिक विवाद को हवा दे दी। अब देखना होगा कि विपक्ष इस मुद्दे को किस तरह उठाता है और भाजपा इस बयान को किस संदर्भ में पेश करती है।
फिलहाल, मध्य प्रदेश की सियासत में कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान चर्चा के केंद्र में है।