बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल अब पूरी तरह से गरम हो गया है। पटना से लेकर सासाराम और पूर्णिया तक हर राजनीतिक खेमे में बैठकों और रणनीतियों का दौर जारी है। सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा में जुटे हैं। लेकिन इस बार की सबसे बड़ी खबर आई है प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज से, जिसने पहली बार चुनावी अखाड़े में उतरते हुए अपना ‘सेलिब्रिटी कार्ड’ खेल दिया है।
जनसुराज ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें भोजपुरी सिनेमा के मशहूर गायक रितेश पांडे को भी टिकट दिया गया है। रितेश को रोहतास जिले की करगहर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है। खास बात यह है कि इसी सीट से खुद प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही थी। ऐसे में रितेश की एंट्री ने बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
रितेश पांडे भोजपुरी इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं। 34 वर्षीय रितेश ने एक दशक में कई हिट गाने दिए हैं और सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। सासाराम में जन्मे रितेश पांडे अब राजनीति में कदम रखकर बिहार की सियासत में नई धुन छेड़ने की तैयारी में हैं।
जनसुराज का मानना है कि युवा वोटर और खासकर भोजपुरी बेल्ट के लोग रितेश से जुड़ाव महसूस करेंगे। यही वजह है कि प्रशांत किशोर ने रितेश को टिकट देकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है।
जनसुराज ने बिहार चुनाव के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी की है, जिसमें कुल 51 नाम शामिल हैं। इनमें शिक्षाविद, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा चेहरे बड़ी संख्या में हैं।
सूची के कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं-
• लोरिया से सुनील कुमार
• सीतामढ़ी से उषा किरण
• सुपौल निर्मली से राम प्रवेश यादव
• पूर्णिया बायसी से मोहम्मद शाहनवाज आलम
• मधेपुरा आलमनगर से सुबोध कुमार सुमन
• दरभंगा से आर.के. मिश्रा
• मुजफ्फरपुर से प्रसिद्ध चिकित्सक अमन कुमार दास
• छपरा से जयप्रकाश सिंह,
• सहरसा से किशोर कुमार मुन्ना,
• मोतिहारी से डॉ. अरुण कुमार,
• केवटी से बिल्लू साहनी
और पटना कुम्हरार से केसी सिन्हा।
सबसे खास बात यह है कि प्रशांत किशोर खुद इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे केवल संगठन की रणनीति और प्रचार अभियान को दिशा देंगे। पीके ने राघोपुर से अपने अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है, जो तेजस्वी यादव का पारंपरिक गढ़ माना जाता है।
बिहार की राजनीति में इस बार चुनाव प्रचार के साथ-साथ मनोरंजन की चमक भी बढ़ गई है।
जहां एक ओर भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह बीजेपी से मैदान में उतर सकते हैं, वहीं आरजेडी से खेसारी लाल यादव की पत्नी चंदा देवी के चुनाव लड़ने की चर्चा है।
अब जनसुराज ने भी रितेश पांडे को उतारकर इस ‘स्टार वॉर’ को और दिलचस्प बना दिया है।
साफ है कि इस बार बिहार का चुनाव सिर्फ नेताओं का नहीं, बल्कि सेलिब्रिटी ब्रांड्स और युवा छवियों का भी टकराव होगा। जनता यह देखने को बेताब है कि कौन सा स्टार केवल मंच पर गाना गाता है और कौन जनता की आवाज बनकर विधानसभा तक पहुंच पाता है।
प्रशांत किशोर ने लंबे समय से यह संकेत दिया था कि जनसुराज पार्टी “पुरानी राजनीति” को बदलने के लिए आई है। उनकी रणनीति साफ है-
• युवा चेहरों को मौका देना,
• साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवार उतारना,
• और जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर विकास आधारित राजनीति करना।
रितेश पांडे जैसे लोकप्रिय और अपेक्षाकृत ‘नई छवि’ वाले उम्मीदवार उसी सोच का हिस्सा हैं। पीके यह समझते हैं कि आज का बिहार मतदाता राजनीति से ज्यादा चेहरे और भरोसे पर वोट देता है।
रितेश पांडे की एंट्री से करगहर सीट पर मुकाबला और रोचक हो गया है। यह सीट अब केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रही। भोजपुरी इंडस्ट्री, युवा वोटर और सोशल मीडिया ट्रेंड तीनों का संगम इस सीट को हाईलाइट कर रहा है। अब देखना होगा कि क्या रितेश अपनी आवाज से वोटरों का दिल जीत पाएंगे या राजनीति की राह उनके लिए किसी नए सुर का इम्तिहान बनेगी।