भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन दिनों की चीन यात्रा पर हैं. जयशंकर के चीन दौरे से पाकिस्तान को करारा झटका लग सकता है. चीन, पाक का करीबी दोस्त है. 15 जुलाई को चीन के तियांजिन में एससीओ बैठक होने वाली है, जिसमें सदस्य देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे. डॉ. एस. जयशंकर और इशाक डार की मीटिंग के सवाल पर पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा का कहना है कि उनकी मीटिंग होना मुश्किल नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि जब रक्षा मंत्री शामिल हुए थे, तब काफी मुद्दा बना था क्योंकि राजनाथ सिंह ने एससीओ के जॉइंट स्टेटमेंट पर साइन करने से इनकार कर दिया था. पहली बार भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री आमने-सामने होंगे. इस दौरान सभी की निगाहें दोनों देशों के विदेश मंत्रियों पर टिकी होंगी और सबके मन में एक ही सवाल है कि क्या दोनों की बैठक से इतर कोई मुलाकात होगी? इससे पहले 26 जून को एससीओ समिट में सदस्य देशों के रक्षा मंत्री शामिल हुए थे, जिसमें राजनाथ सिंह और पाक डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ भी पहुंचे थे. हालांकि, दोनों के बीच एससीओ से अलग कोई बात नहीं हुई थी.