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Jaipur LPG Truck Fire: धमाकों से दहल उठा जयपुर, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई हादसे की पूरी कहानी।

Wed, 08 Oct 2025 08:45 AM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

1जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र में मौखमपुरा के पास मंगलवार रात एक खौफनाक हादसा हुआ। एलपीजी सिलेंडरों से भरे खड़े ट्रक को एक केमिकल टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही टैंकर के केबिन में आग लग गई, जो तेजी से ट्रक तक फैल गई। आग सिलेंडरों तक पहुंची तो एक के बाद एक करीब 200 गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। धमाकों की आवाज 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और कुछ सिलेंडर 500 मीटर दूर खेतों तक जा गिरे। घटना रात करीब 10 बजे हुई, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर चालक ने आरटीओ वाहन को देखकर अचानक ढाबे की ओर मोड़ काटी और सामने खड़े गैस सिलेंडर से लदे ट्रक से भिड़ गया। हादसे में टैंकर का चालक जिंदा जल गया। वहीं, आसपास खड़े पांच अन्य वाहन भी आग की चपेट में आ गए। दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ट्रक में कुल 330 सिलेंडर लदे हुए थे, जिनमें से दो तिहाई से ज्यादा सिलेंडर फट गए। हाईवे पर दोनों ओर ट्रैफिक रोकना पड़ा, जिसे बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे दोबारा खोला गया।एक दर्दनाक हादसे में केमिकल से भरा टैंकर सिलेंडर लदे ट्रक से टकरा गया, जिससे भयंकर आग लग गई। ट्रक ड्राइवर शाहरुख ने बताया कि हादसे में उसका ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के समय टैंकर जयपुर की ओर जा रहा था, तभी सामने से आरटीओ की गाड़ी आती दिखी। आरटीओ वाहन को देखकर टैंकर चालक घबरा गया और खुद को बचाने की कोशिश में उसने टैंकर को सड़क किनारे एक ढाबे में घुसा दिया। 

टक्कर के तुरंत बाद स्पार्किंग हुई और आग फैल गई। केमिकल टैंकर के ड्राइवर ने जान बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग ने तेजी से घेर लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो घंटे तक मौके पर न तो कोई दमकल वाहन पहुंचा, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी। हादसे के बाद सड़क पर जाम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। अजमेर से जयपुर की तरफ जाने वाले वाहनों को किशनगढ़ से रूपनगढ़ होते हुए आगे भेजा गया। इस डायवर्जन के कारण यात्रियों को सामान्य 115 किलोमीटर की जगह लगभग 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। वहीं, जयपुर से अजमेर आने वाले ट्रैफिक को 200 फीट बाइपास से टोंक रोड की ओर मोड़ा गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही एसएमएस अस्पताल को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया। अस्पताल के नव नियुक्त अधीक्षक मृणाल जोशी ने बताया कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए प्लास्टिक सर्जन समेत संपूर्ण मेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी में तैनात किया गया। इसके साथ ही आईसीयू बेड भी टेकओवर कर लिए गए थे, ताकि किसी भी गंभीर घायल को तुरंत उपचार मिल सके। वहीं, अभी तीन लोगों की तलाश जारी है। एक ट्रक में चालक का थोड़ा कंकाल मिला है। जबकि खलासी का पता नहीं चला। वहीं कैमिकल से भरे ट्रक के चलाक और खलासी का कोई पता नहीं चला है। अग्निशमन कर्मचारियों का कहना है कि कमिकल से भरे ट्रक में ब्लॉस्ट हो जाता तो हादसा और भी भयानक रूप ले सकता था। अब भी मौके पर दमकल कर्मी कमिकल से भरे ट्रक पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा रात में ही मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि  टैंकर में मौजूद ड्राइवर और कंडक्टर घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल भेजा गया है। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और हाईवे पर दोनों ओर से ट्रैफिक रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की निगरानी में लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

 

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