आरक्षण की मांग कर रहे जाट समुदाय ने सरकार से समझौते के बाद दिल्ली और संसद घेराव का फैसला भले वापस ले लिया है लेकिन वो 16 अप्रैल तक नौ जगहों पर धरने जारी रखेंगे। हरियाणा के जींद में हुई एक बैठक के बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी का भी ऐलान किया गया।