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Iran Israel War Reality: ट्रंप और नेतन्याहू ने इस वजह से किया ईरान पर हमला !

Sun, 01 Mar 2026 09:54 PM IST
Sahil Suyal वीडियो डेस्क,अमर उजाला

2026 में मध्य पूर्व में एक ऐतिहासिक और खतरनाक मोड़ आ गया जब डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में संयुक्त रूप से अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य हमला शुरू किया। इस हमले का मुख्य कारण था तेहरान के परमाणु क्षमता और लंबी दूरी के मिसाइल कार्यक्रमों को रोकना, जिसे दोनों देशों ने अपनी सुरक्षा के लिए “अस्तित्व पर खतरा” बताया। ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि ईरान न्यूक्लियर हथियारों की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और उसने कई महीनों तक कूटनीतिक बातचीत में “टालमटोल” और धोखे का इस्तेमाल किया, जिससे अमेरिका तथा इस्राइल ने मिलकर यह कदम उठाया। इस हमले में हजारों लक्ष्यों पर मिसाइलें, ड्रोन और एयर स्ट्राइक शामिल थीं, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ कमांडर मारे जाने की घोषणा की गई। दोनों देशों का दावा था कि यह ऑपरेशन “ईरान के युद्धक ढांचे और परमाणु प्रयासों को समाप्त करना” है। ईरान ने इसे अवैध और आक्रमणकारी युद्ध करार दिया और भारी प्रतिशोध की चेतावनी दी।परिणामस्वरूप, मिसाइलों, ड्रोन और एयर डिफेंस हमलों के चलते इरान और इस्राइल दोनों में भारी झड़पें, नागरिक और सैनिक दोनों ओर नुकसान, और पूरे मध्य पूर्व में तनाव और अस्थिरता बढ़ गई है। कई देशों ने यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाया, जबकि अन्य ने क्षेत्रीय प्रभाव पर चिंताएं जताईं। यह वीडियो इस युद्ध की सच्ची वजह, राजनीतिक पटल, रणनीतिक उद्देश्य, और क्षेत्रीय परिणाम को स्पष्ट करता है यह सिर्फ एक सैन्य टकराव नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन और भविष्य की सुरक्षा नीतियों का संघर्ष भी है।

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