भारत महान में महिलाओं का कद भी भारत की उज्जवल होती छवि सा ही उभर रहा है। महिला है रोटी ही बनाएगी, महिला है बर्तन ही धोएगी, महिला है घर से बाहर नहीं जाएगी, महिला है तो सब सहेगी, ऐसी सभी संकरी सोच को गर्त में धकेलकर महिलाएं आज भारत महान के मानचित्र पर सफलता की नई रेखाएं रच रही हैं।