देश भर में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने पर इंडियन एसोसिएशन काउंसिल ऑफ एविएशन के अध्यक्ष नितिन जाधव ने कहा, "इसके लिए इंडिगो प्रबंधन खुद ज़िम्मेदार है, पायलट नहीं. उनका समर्थन कर रहा है. मैं डीजीसीए और इंडिगो की सीबीआई जांच की मांग कर रहा हूँ.इसके पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है.डीजीसीए अपना काम ठीक से नहीं कर रहा है
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित मार्गों पर सही और वाजिब किराया पक्का करने के लिए अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का इस्तेमाल किया है। डॉमेस्टिक शेड्यूल्ड एयरलाइंस यात्रियों से नीचे बताई गई लिमिट से ज़्यादा किराया नहीं लेंगी 500 KM तक के स्टेज के लिए ज़्यादा से ज़्यादा किराया Rs 7500 और 500-1000 KM तक के स्टेज के लिए ज़्यादा से ज़्यादा किराया Rs 12000
1000-1500 KM तक के स्टेज के लिए ज़्यादा से ज़्यादा किराया Rs 15000 इंडिगो ने ट्वीट किया, "हाल की घटनाओं को देखते हुए, आपके कैंसलेशन के सभी रिफंड खुद ब खुद आपके मूल भुगतान मोड में प्रोसेस हो जाएंगे। हम 5 दिसंबर 2025 और 15 दिसंबर 2025 के बीच यात्रा के लिए आपकी बुकिंग के सभी कैंसलेशन/पुनर्निर्धारित अनुरोध पर पूरी छूट देंगे।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को पिछले कुछ दिनों से देश भर में बड़े पैमाने पर अपनी उड़ानें रद्द करने और विलंबित करने के कारण एक गंभीर परिचालन संकट का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य कारण पायलटों और चालक दल (क्रू) की कमी है, जो नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा लागू किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के दूसरे चरण के कारण और बढ़ गई है। ये नए नियम पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम का समय बढ़ाकर 48 घंटे करते हैं और रात की ड्यूटी के घंटों के दौरान लैंडिंग की संख्या को सीमित करते हैं, जिससे थकान को कम किया जा सके। हालाँकि, इंडिगो के बड़े परिचालन आकार, हाई-फ़्रीक्वेंसी नेटवर्क और कर्मचारियों के उच्च उपयोग के कारण, यह एयरलाइन नए नियमों से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुई है, जबकि अन्य एयरलाइंस पर इतना असर नहीं पड़ा है।
इस संकट के परिणामस्वरूप, कई दिनों से सैकड़ों उड़ानें (कुछ दिनों 400 से 1000 से अधिक) रद्द की गई हैं, जिससे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता सहित प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी असुविधा हुई है। दिल्ली हवाई अड्डे से इंडिगो की सभी उड़ानें एक दिन के लिए रद्द कर दी गई थीं। यात्रियों को लंबी देरी, अंतिम समय में रद्द होने और टिकटों के दामों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA को हस्तक्षेप करना पड़ा है। DGCA ने इस समस्या की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है और एयरलाइन को परिचालन में सुधार की योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए, DGCA ने इंडिगो को अस्थायी रूप से (10 फरवरी 2026 तक) कुछ FDTL नियमों से छूट दी है, जिससे परिचालन को स्थिर किया जा सके। सरकार ने टिकट के मनमाने ऊँचे किराए पर अस्थायी सीमा भी लगा दी है और इंडिगो को यात्रियों के रिफंड जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। इंडिगो के सीईओ ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है और उम्मीद जताई है कि 8 दिसंबर से उड़ानों में कटौती और 10 फरवरी 2026 तक परिचालन पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा।