फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Navy Warship: INS तमाल और INS उदयगिरि नौसेना में हुई शामिल, ताकत जान दुश्मन परेशान।

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 02 Jul 2025 02:48 PM IST

भारतीय नौसेना की ताकत में आज एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इसके तहत रूस के कालिनिनग्राद शहर में बना नया स्टेल्थ युद्धपोत आईएनएस तमाल मंगलवार शाम भारतीय नौसेना में आधिकारिक तौर पर शामिल किया जाएगा। यह वो आखिरी युद्धपोत है जिसे भारत ने विदेशी जमीन पर बनवाया है। बात अगर इसके बाद की करें तो इसके बाद सभी युद्धपोत देश में ही बनेंगे। बता दें कि आईएनएस तमाल को नौसेना के पश्चिमी कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय जे. सिंह की मौजूदगी में कमीशन किया जाएगा। इस मौके पर भारत और रूस के कई रक्षा अधिकारी मौजूद रहेंगे। वहीं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDSL) में तैयार प्रोजेक्ट 17A का दूसरा स्टेल्थ फ्रिगेट उदयगिरी नौसेना को सौंपा गया है. दोनों के बारे में विस्तार से जानते हैं।


क्या है आईएनएस तमाल की ताकत?
अब बात अगर आईएनएस तमाल की ताकत की करें तो तमाल महज एक युद्धपोत नहीं बल्कि समंदर में तैनात एक घातक योद्धा है। इसका नाम भगवान इंद्र की पौराणिक तलवार पर रखा गया है और इसकी मारक क्षमता भी उसी की तरह तेज, आक्रामक और निर्णायक है। यह स्टेल्थ फ्रिगेट आधुनिकतम हथियारों और उन्नत तकनीक से लैस है, जो इसे दुश्मन के लिए एक समुद्री शिकारी बनाता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, जो जमीन और समंदर में दूर बैठे लक्ष्य को कुछ ही सेकंड में तबाह कर सकती है। साथ ही जहाज पर तैनात नई पीढ़ी की वर्टिकल लॉन्च सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें इसे हवाई हमलों से पूरी सुरक्षा देती हैं। वहीं, एंटी-सबमरीन रॉकेट और टॉरपीडो किसी भी पनडुब्बी खतरे को खत्म करने में सक्षम हैं। वहीं 100 मिमी की पावरफुल तोप और 30 मिमी की क्लोज-इन वेपन सिस्टम (सीआईडब्ल्यूएस) नजदीकी खतरों का त्वरित और सटीक जवाब देने में सक्षम हैं। साथ ही, जहाज पर मौजूद सोनार सिस्टम और अत्याधुनिक रडार हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखते हैं।

क्या है आईएनएस उदयगिरी की ताकत?
नया उदयगिरी आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस है. यह खुले समुद्र में भारत के सामुद्रिक हितों की रक्षा के लिए तैयार किया गया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी स्टेल्थ तकनीक, जो इसे दुश्मन के रडार से बचाने में मदद करती है और घातक बनाती है.प्रोजेक्ट 17A के जहाज पुराने P17 क्लास से कई मायनों में बेहतर हैं. इनमें इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, जिससे जहाज को कम समय में तैयार किया गया है. उदयगिरी को लॉन्चिंग के मात्र 37 महीनों में डिलीवर कर दिया गया है. जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है. इसका ढांचा P17 क्लास से 4.5% बड़ा है. यह सुपरसोनिक मिसाइल, मीडियम रेंज एयर डिफेंस सिस्टम, 76 मिमी गन और क्लोज-इन वेपन सिस्टम जैसे एडवांस हथियारों से लैस है. इसका डीजल इंजन और गैस टर्बाइन का कॉम्बिनेशन इसे और ज्यादा तेज और ताकतवर बनाते हैं. उदयगिरी पूरी तरह से आत्मनिर्भर भारत के विजन को दर्शाता है.
 

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें