‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों ने श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का निमंत्रण ठुकराकर समय की धारा को फिर न पहचानने का प्रमाण दिया है। खुद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा निमंत्रण ठुकराने पर दुख भी प्रकट कर दिया है। एक ओर देश का राममय वातावरण और दूसरी ओर राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तुलना करें, तो दिख जाएगा कि विचार के स्तर पर बिल्कुल दो धाराएं देश में बन चुकी हैं।