7 दिन बाद 19 मई को अखबारों में राजीव गांधी का चुनावी कार्यक्रम छपा. इसी से शिवरासन को पता चला कि 21 मई को राजीव गांधी श्रीपेरंबुदूर आ रहे हैं. शिवरासन ने शुभा और धनु को अपने आखिरी मकसद के लिए तैयार रहने को कहा. 21 मई की सुबह-सुबह धनु ने अपने शरीर पर विस्फोटक लगा लिए. इसके बाद शिवरासन अपने साथ धनु और सुभा को ऑटो से लेकर नलिनी के घर पहुंचा धनु ने शिवरासन और शुभा को वहां से हट जाने को कहा. माला पहनाने के बहाने धनु राजीव गांधी के पास पहुंची और तभी जोर का धमाका हुआ. कुछ देर बाद जब धुआं छटा तो चारो ओर लाशें, खून, चीख और आंसू थे.