रोहतक के लाढ़ौत गांव में बुधवार सुबह एएसआई संदीप के शव को जैसे ही पांचों बहनों और दोनों बेटियों ने देखा तो उनकी चीत्कार निकल गई। बहनें शव से लिपट गईं। उनका विलाप सुनकर पूरा माहौल गमगीन हो गया। बेटियां तो रोते-रोते बेहोश हो गईं। परिजनों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया। परिजनों को भी समझ नहीं आ रहा था कि बेटियों को कैसे चुप कराएं। सभी एक-दूसरे से लिपटकर रोए तो आंसू पोंछते हुए बेटियों को संभालते भी रहे। लाढ़ौत पहुंचे सीएम परिजनों से मिले तो बहन सोनू रोते हुए उनसे बोलीं, हमारे भाई का बताओ ऐसा क्या कसूर था। हाथ जोड़े खड़ी बहनों की ओर सीएम ने बड़ी ही आत्मीयता से हाथ बढ़ाया और उन्हें सांत्वना दी।