नोटबंदी के साथ ही बाजार में आए 2000 रुपये के नए नोट भी पांच साल में बंद हो सकते हैं। आरएसएस से जुड़े अर्थ शास्त्री एस. गुरुमूर्ति ने बयान दिया है कि नोटबंदी से होने वाली कैश की कमी से निपटने के लिए बड़े नोट छापे गए। इतने कम समय में 500 और 1000 रुपए के नोट छापना मुश्किल था। इसलिए 2000 का नोट लाना पड़ा। गुरुमूर्ति ने नोटबंदी को वित्तीय पोकरण की नाम दिया और कहा कि भविष्य में 500 का नोट ही सबसे बड़ी करंसी होगी। जब अनुकूल नतीजे आने शुरू होंगे तब 2000 का नोट चलन से हटाना पड़ेगा। इस दौरान जिन बैंकों में 20 फीसदी से ज्यादा लेन-देन होगा उनका रिकॉर्ड चेक करना होगा।