तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के पास राज्य के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए सिर्फ अनर्गल बयानबाजी कर रही है. तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर सरकार पूरी तरह विफल है और उनके पास काम करने के लिए धन का अभाव है. "सरकार के पास कुछ करने के लिए पैसा नहीं है, खजाना खाली है। आपने महिलाओं को दूसरी किस्त देने का वादा किया था वो कब देंगे? पेंशन कब देंगे? आपने लोगों को धोखा दिया है। 'हरा गमछा, नीला गमछा' इस तरह का बयान मुख्यमंत्री देते हैं, उनकी सोच पर हमें हंसी आती है
भाजपा नेता मंगल पांडे ने तेजस्वी यादव के बयान पर कहा, "NDA सरकार हर वादे को पूरा करती है। मोदी की गारंटी पर हर कोई विश्वास करता है। तेजस्वी यादव को जब भी मौका मिला उन्होंने बिहार की जनता को छलने और ठगने का काम किया। जनता उन्हें पूरी तरह नकार चुकी है। उन्हें ये समझना चाहिए।"
Tejashwi Yadav ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सरकार के पास राज्य के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता की मूल समस्याओं को हल करने के बजाय सरकार केवल बयानबाजी और राजनीतिक मुद्दों में उलझी हुई है। तेजस्वी यादव के अनुसार सरकार विकास के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है और जनता से किए गए वादों को पूरा करने में असमर्थ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याएं मौजूद हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
तेजस्वी यादव ने आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त धन नहीं है और राज्य का खजाना लगभग खाली हो चुका है। उन्होंने पूछा कि महिलाओं को दूसरी किस्त देने का जो वादा किया गया था, वह आखिर कब पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पेंशन योजना को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि जरूरतमंद लोगों को अब तक उनका हक नहीं मिल पाया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब उन वादों को निभाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार की वास्तविकता को समझ चुकी है और लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
अपने बयान में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली और बयानबाजी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री “हरा गमछा, नीला गमछा” जैसी बातें करके गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि इस प्रकार के बयान राज्य की राजनीति को कमजोर करते हैं और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री की सोच पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसी बातों पर उन्हें हंसी आती है, क्योंकि जनता विकास, रोजगार और सुविधाओं की उम्मीद करती है, न कि रंग और प्रतीकों की राजनीति। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में सरकार को अपने कामकाज का जवाब देना पड़ेगा।