समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोएडा सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को सरकार और प्रशासन की घोर लापरवाही बताते हुए कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन और शासन की विफलता का परिणाम है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय यह देखने या यह तर्क करने का सवाल नहीं है कि युवराज कहाँ से आ रहा था या हादसा किस वजह से हुआ, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि सरकार और उसके विभाग इस व्यक्ति की जान बचाने में पूरी तरह असमर्थ क्यों रहे। उन्होंने कहा कि युवराज ने लगभग दो घंटे तक मदद के लिए पुकारा, लेकिन मौके पर मौजूद प्रशासनिक कर्मियों, पुलिस और इमरजेंसी सेवाओं (जैसे SDRF/ NDRF) के पास समय पर उपयुक्त उपकरण, बचाव दल या प्रशिक्षित गोताखोर नहीं थे जिससे उसकी जान बचाई जा सकती।
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा हो तो ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होनी चाहिए और इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकारी तंत्र की जवाबदेही का अभाव दिखा, क्योंकि अधिकारी मौके पर थे लेकिन उचित बचाव नहीं कर पाए, और इसका सीधा परिणाम एक जवान की मौत के रूप में सामने आया।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी की जान प्रशासन की लापरवाही के कारण गई है तो यह चिंता का विषय है और इस पर गंभीर जांच व सुधार की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए आपातकालीन सेवा, सुरक्षा उपाय, सिग्नलिंग और सड़क/निर्माण स्थलों के पास पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
अखिलेश यादव का बयान उत्तर प्रदेश के वर्तमान शासन और नोएडा प्राधिकरण की नीतियों तथा उनके कार्यान्वयन पर सीधा हमला है, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार की उपेक्षा के कारण एक युवा की जिंदगी इतनी खराब ढंग से समाप्त हुई है और इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ प्रभावी और तत्पर प्रशासनिक कदम उठाए जाने की आवश्यकता को जोर देकर कहा गया है ताकि जनता को न्याय और सुरक्षा दी जा सके।