त्योहारों से ठीक पहले कमोडिटी बाजार में हलचल मची हुई है। कीमती धातुओं और औद्योगिक धातुओं दोनों में एकसाथ तेजी आ रही है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम के विस्तार के बाद डॉलर सूचकांक गिरकर 98 के स्तर पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सभी धातुओं की कीमत डॉलर में तय होती है। डॉलर कमजोर होने पर खरीदारों के बीच मेटल्स की मांग बढ़ गई है, जिसका असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो जल्द ही तमाम चीजें महंगी होंगी।
ऑल इंडिया एसोसिएशन के अनुसार, सुरक्षित निवेश की नई मांग के चलते दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतें बढ़कर 1.64 लाख प्रति 10 ग्राम के पांच महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 900 रुपये की तेजी के साथ 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। यह पिछले हफ्ते के बंद भाव 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है।