केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "राहुल गांधी पर कुछ बोलना समय की बर्बादी है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप लोगों में भ्रम क्यों फैला रहे हैं। वे जिस तरह से बात करते है एक झूठा आदमी ही ऐसा कर सकता है। आपने देश में साजिश करके माहौल खराब करने की कोशिश की, देश को बदनाम किया। जो देश को बदनाम करे, उसे क्या कहा जाए...ये भाजपा या मोदी का समिट नहीं था, ये भारत का AI समिट था। उन्होंने(राहुल गांधी) जो कराया वो कोई अर्बन नक्सल ही करा सकता है। इनका व्यवहार शत्रु राष्ट्र की भाषा बोलने वाला है।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “राहुल गांधी पर कुछ बोलना समय की बर्बादी है।” यह बयान उस समय आया जब मीडिया ने उनसे राहुल गांधी के एक हालिया बयान पर प्रतिक्रिया मांगी थी। गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनका तथ्यात्मक आधार कमजोर होता है और जिनका उद्देश्य केवल राजनीतिक बयानबाजी करना होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लगातार केंद्र सरकार पर आरोप लगाती रहती है, जबकि सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है।
गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि देश की जनता अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठ चुकी है और वह ठोस काम देखना चाहती है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे, किसानों के कल्याण, रोजगार सृजन और गरीबों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जबकि विपक्ष केवल आलोचना तक सीमित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के बयान अक्सर तथ्यों से परे होते हैं और उनमें गंभीरता की कमी दिखाई देती है। इसीलिए उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों पर प्रतिक्रिया देना समय की बर्बादी है।
यह पहली बार नहीं है जब गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की आलोचना की हो। इससे पहले भी वे कई मुद्दों पर कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लेते रहे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से पलटवार करते हुए कहा गया कि भाजपा नेता मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए व्यक्तिगत टिप्पणियां करते हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी देश के सामाजिक, आर्थिक और लोकतांत्रिक मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं और उनकी आलोचना से घबराकर भाजपा के नेता इस तरह के बयान देते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की बयानबाजी आम हो जाती है और इससे दोनों दलों के बीच वैचारिक टकराव और तेज होता है। एक ओर भाजपा विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दों को प्रमुखता दे रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है। ऐसे में नेताओं के तीखे बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी माने जाते हैं। गिरिराज सिंह का यह बयान भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है, जिसने राजनीतिक बहस को और गर्म कर दिया है।