बागपत के पुरा गांव में बने महादेव मंदिर की मान्यता त्रेता और द्वापर युग से मानी जाती है। मान्यता है कि ऋषि परशुराम ने तप कर यही पर भगवान शिव से परशु यानी कि दिव्य फरसे को प्राप्त किया था जिसके बाद से उनका नाम परशुराम पड़ा। एक अन्य कथा के अनुसार खंडहर हो चुके इस मंदिर को लंढौरा के राजा रामदयाल की पत्नी ने बनवाया जिसके बाद यहां कांवड़िये महादेव को जल चढ़ाते हैं।