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FM Sitharaman on Russian Oil: भारत का तेल पर मास्टरस्ट्रोक, वित्त मंत्री का बड़ा बयान | Oil Import | GST

Sat, 06 Sep 2025 12:23 AM IST
तन्मय बरनवाल वीडियो डेस्क, अमर उजाला

रूस से तेल खरीदने के फैसले से अमेरिका में अलग तरह का मामला गरमाया हुआ है। ट्रंप इसको लेकर लगातार मुद्दा बना रहे और भारत पर भारी भरकम टैरिफ का बम फोड़ा है अब ऐसे में जहां इसको लेकर लगातार मामले देखने को मिल रहे है तो वहीं भारत ने भी अपना ररुख साफ किया है। भारत ने कहा है की देश रूसी तेल खरीदना जारी रखेगा और इस बारे में निर्णय पूरी तरह से राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यह साफ किया। एक इंटरवीयू  में वित्त मंत्री ने कहा, "चाहे वह रूसी तेल हो या कुछ और, हम दरों, लॉजिस्टिक्स या अन्य किसी भी मामले में अपनी आवश्यकताओं के अनुसार ही निर्णय लेंगे। तेल एक बड़ी विदेशी मुद्रा से जुड़ी वस्तु है। ऐसे में हम अपना तेल कहां से खरीदते हैं, यह एक ऐसा निर्णय है, जो हम सबसे अधिक उपयुक्त चीजों को ध्यान में रखकर लेते हैं। इसलिए, हम निस्संदेह रूसी तेल खरीदेंगे।"

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि भारत के आयात बिल में कच्चे तेल का योगदान सबसे अधिक है। वित्त मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत से आयात पर रूसी तेल खरीदने और यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित करने का आरोप लगाकर 27 अगस्त से 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया है। उधर बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका ने रूस के साथ व्यापारिक संबंध जारी रखने वाले देशों पर अभी तक "चरण-2" और "चरण-3" शुल्क लागू नहीं किए हैं। उन्होंने भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों को रूस के खिलाफ सीधी कार्रवाई बताया और कहा कि इससे रूस को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान होगा।

सीतारमण ने यह भी कहा कि जीएसटी जैसे सुधार से टैरिफ से जुड़ी कई चिंताएं दूर हो जाएंगी। 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना कर रहे उद्योगों को मदद का आश्वासन देते हुए, सीतारमण ने कहा, "हम उन लोगों की मदद के लिए कुछ न कुछ लेकर आएंगे जो इससे प्रभावित हुए हैं। पैकेज में कई तरह के उपाय शामिल हैं, और निश्चित रूप से उनकी मदद के लिए कुछ न कुछ आ रहा है।" वहीं एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस के चीन के पक्ष में जाने को लेकर निराशा जताई है वहीं, दूसरी ओर उनके वाणिज्य मंत्री ने उसने ठीक उलट बयान देते हुए हेकड़ी दिखाई है। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने ट्रंप के बयान के कुछ देर बाद ही कहा कि भारत अगले एक-दो महीनों में वार्ता की मेज पर होगा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ समझौते की कोशिश करेगा।


 

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